Information Regarding COVID-19 Vaccine- कोविड टीकाकरण की सम्पूर्ण जानकारी
India's
First Indigenous Covid-19 Vaccine - कोविड टीकाकरण के बारे में आपके
प्रश्न
Click here for लो आ गया कोरोना वाइरस का टीका - COVID-19 Vaccination India
Covid-19 Vaccination Question and Answer
Aspirants who
are searching for India coronavirus: Can all adults get vaccinated in 2021 answer
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Vaccine Tracker: Latest Coronavirus Vaccine details and India Fights Corona COVID-19
in India, Vaccination.
कोरोना वैक्सीन की अफ़वाह का सच क्या क्या है असर है या नहीं ?
मित्रो, कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कोरोना वैक्सीन को सबसे अहम माना जा रहा है, कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन के दो डोज़ लेना है,
दोनों डोज़ के बीच के समय को सरकार ने हाल में बढ़ाया भी है।
मित्रो, अब तक भारत में 22 करोड़ वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है, लेकिन इसको
लेकर कई तरह की भ्रांतियां अभी भी लोगों में देखने को मिल रही है। ऐसे में बीबीसी ने
दिल्ली एनसीआर स्थिति मेदांता हॉस्पीटल के सीनियर वॉयरलॉजिस्ट डॉक्टर यतीन मेहता
और पीपल्स हेल्थ आर्गेनाइजेशन के सचिव सीनियर वॉयरलॉजिस्ट ईश्वर गिडाला से बात
करके इन भ्रांतियों की वजह और आपके लिए उसके जवाब तलाशे हैं।
इन डाक्टरों ने अपने अनुभव के आधार पर निम्न सलाह
दी है लेकिन वैक्सीन लेने और लेने के बाद की स्थितियों पर हमेशा अपने चिकित्सक
से परामर्श लें।
क्या वैक्सीन लेने से आप नपुंसक
हो जाएंगे?
डा. यतीन मेहता- यह बिलकुल ग़लत बात है, कोरोना
वैक्सीन वायरस को इंफर्टाइल बनाता है, इंसानों को नहीं।
·
क्या
वैक्सीन लेने के बाद भी मुझे कोविड हो सकता है?
·
डॉक्टर केके अग्रवाल की मौत और उससे उठते सवाल,
वैक्सीन की दो डोज़ के बाद मौत क्यों?
·
भारत
में कोरोना की दूसरी लहर इतनी ख़तरनाक और तेज़ क्यों है?
·
क्या पीरियड के दौरान कोरोना वैक्सीन
लेना सुरक्षित है?
डा. ईश्वर गिडाला - ऐसी
अफ़वाहें हर तरह के वैक्सीन आने के समय उड़ती हैं और पिछले मौकों पर हमने देखा है
कि वह ग़लत साबित हुई हैं, इसी तरह से कोरोना वैक्सीन को
लेकर भी लोग अनर्गल बातें बना रहे हैं, ऐसे लोगों पर
कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या गर्भवती महिलाओं का गर्भ
गिर सकता है?
साथियो, गर्भवती महिलाओं को अभी भारत
में वैक्सीन नहीं दी जा रही है, लेकिन ऐसी आशंका लोग अभी से
जता रहे हैं।
डा. यतीन मेहता - अभी
तक गर्भवती महिलाओं के लिए भारत में वैक्सीनेशन को अप्रूवल नहीं मिला है, इसकी वजह यही है कि इन महिलाओं पर वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया पूरी
नहीं हुई है, हालांकि नवजात शिशु वाली महिलाओं के लिए इसे
लेने में कोई मुश्किल नहीं है।
डा. ईश्वर गिडाला - अब
तक के अध्ययन से यही बात सामने आयी है कि कोविड वैक्सीन का प्रेगनेंसी पर कोई असर
नहीं होता है, अमेरिका, ब्रिटेन और चीन
में गर्भवती महिलाएं वैक्सीन ले रही हैं, ऐसे में भारत में
गर्भवती महिलाओं के लिए भी आने वाले दिनों में वैक्सीन लेने की अनुमति मिल जाएगी।
मित्रो, अगर
गर्भवती महिलाओं के लिए भारत में वैक्सीन को मंजूरी मिल जाए तो भी अपने चिकित्सक
से परामर्श लेने के बाद ही इसे लें।
क्या कोविड वैक्सीन लेने के बाद
भी कोविड संक्रमण हो सकता है?
डा. यतीन मेहता - कोविड
संक्रमण का असर कई बार 14 दिनों के बाद पता चलता है, लेकिन हो तो यह रहा है कि कोविड वैक्सीन लेने से पहले आप संक्रमित हो गए
हों तो फिर वैक्सीन लेने के बाद भी आप संक्रमित हो सकते हैं क्योंकि वैक्सीनेशन के
बाद एंटीबॉडी तैयार होने में समय लगता है।
साथियो, दो सप्ताह के बाद ही यह हो पाता
है, वैक्सीन लेने के बाद संक्रमित होने का ख़तरा रहता है लेकिन
वैक्सीन से शरीर वायरस के ख़िलाफ़ बेहतर ढंग से मुक़ाबला कर सकता है, यह काफ़ी हद तक आपकी अपनी शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर करता है।
डा. ईश्वर गिडाला - इसे
ब्रेकथ्रू इंफेक्शन बोलते हैं, ज़्यादातर मामलों में यह देखा
गया है कि वैक्सीन लेने से पहले ही आप संक्रमित हो चुके थे,
यह भी संभव है कि वैक्सीन लेने के दौरान आने जाने या वैक्सीन लेने की प्रक्रिया के
दौरान आप संक्रमित हो जाएं, लेकिन वैक्सीनेशन आपको कोरोना से
बचाता है, वैक्सीन से प्रतिरोधी क्षमता बेहतर होती है और
रिसर्चों से यह ज़ाहिर हुआ है कि वैक्सीन लेने के बाद संक्रमण उतना घातक प्रभाव
नहीं डालता।
क्या कोविड वैक्सीन लेने के बाद
ब्लड क्लॉटिंग और हृदय रोग संबंधी मुश्किलें शुरू हो सकती हैं?
डा. यतीन मेहता - वैक्सीनेशन
के बाद ब्लड क्लॉटिंग हो सकता है, लेकिन भारत में इसके मामले
काफ़ी कम देखने को मिले हैं, बेहद कम। यूरोप के स्कैंडवियन
देशों में बुजुर्गों में यह समस्या ज़्यादा देखी गई है, लेकिन
हमारी यहां यह बहुत रेयर केसेज में सामने आया है, भारत सरकार
के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक कमिटी एईएफ़आई (एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन)
ने पिछले दिनों अध्ययन में पाया है कि भारत में प्रति दस लाख में 0.61 प्रतिशत लोगों में क्लॉटिंग की समस्या आयी थी।
हृदय संबंधी रोगों में भी पहले से कोमॉर्बिडिटी
रही है, इसलिए कोमॉर्बिडिटी होने पर चिकित्सक की सलाह से
ही वैक्सीन लें।
डा. ईश्वर गिडाला- इंसानों
के शरीर में अगर पानी भी दवा के रूप में दिया जाए तो उसका भी साइड इफे़क्ट्स होता
है, इसलिए वैक्सीन का भी थोड़ा बहुत साइड इफेक्ट्स होता है, ब्लड क्लॉटिंग के मामले प्रति दस लाख में गिनती या कहें एक से भी कम मिले
हैं, हृदय संबंधी रोगों में भी पहले से ये समस्याएं देखने को
मिली हैं।
क्या भारतीय कोविड वैक्सीनों
में सुअर की चमड़ी का इस्तेमाल किया गया है?
डा. यतीन मेहता - इसमें
किसी तरह का कोई तथ्य नहीं है।
डा. ईश्वर गिडाला - देखिए
ये अफ़वाह भी धर्म विशेष के लोगों को वैक्सीनेशन की प्रक्रिया से दूर रखने के लिए
फैलाई जाती है, इसमें कभी कोई सच्चाई नहीं निकली है, कोविशील्ड में चिम्पैंजी के एंटीवायरस का इस्तेमाल ज़रूर किया गया है।
क्या कोविड वैक्सीन लेने के बाद
आप मांस मछली खा सकते हैं या नहीं?
डा. यतीन महेता- एकदम खा सकते हैं।
डा. ईश्वर गिडाला- वैक्सीन
लेने के बाद आप बड़ी पार्टी कर सकते हैं, और जो चाहें खा
सकते हैं। लेकिन वैज्ञानिक अब भी कोरोना से जुड़े विभिन्न सवालों
के जवाब तलाश रहे हैं।
क्या कोविड वैक्सीन लेने के बाद
आप अल्कोहल का सेवन कर सकते हैं या नहीं?
डा. यतीन मेहता - कोविड
वैक्सीन लेने के बाद कम से कम कुछ दिन ठहरना चाहिए, कुछ
दिनों तक इसका परहेज करना चाहिए।
डा. ईश्वर गिडाला - 12 घंटे बाद ले सकते हैं, आप यह देख लें कि वैक्सीन
लेने के बाद आपकी शरीर पर क्या असर है, क्योंकि फॉरेन बॉडी
के प्रवेश के बाद कई तरह के असर देखने को मिलते हैं, अगर सब
कुछ सामान्य है तो 12 घंटे बाद ले सकते हैं।
क्या कोविड वैक्सीन में
माइक्रोचिप्स का इस्तेमाल किया गया है?
डा. यतीन मेहता - वैक्सीन
अलग अलग तरह की हैं, अलग अलग वायल होते हैं, सब में चिप्स? लिक्विड में चिप्स कैसे डाल सकता है
कोई? ये बेकार की बातें हैं।
डा. ईश्वर गिडाला - वैक्सीन
एक तो लिक्वड है और दूसरा उसे पतले सिरींज में शरीर में डालते हैं, तो चिप्स कैसे सिरींज से शरीर में इंजेक्ट किया जा सकता है।
क्या कोविड वैक्सीन लेने पर
जांच कराने पर आपको कोविड हो सकता है?
डा. यतीन महेता - वैक्सीन लेने से कोविड-19 होने
का ख़तरा नहीं है, वैक्सीन लेने से पहले अगर आप कोविड की
चपेट में हों तो वह टेस्ट में पकड़ आ सकता है।
डा. ईश्वर गिडाला - वैक्सीन लेने के बाद
कुछ लोगों ने शिकायत की है कि एंटीबॉडी नहीं बनी है, लखनऊ
में एक शख़्स ने तो कोर्ट में मुक़दमा भी कर दिया, लेकिन
यहां समझने की जरूरत है कि एंटीबॉडी कई तरह की होती है- आईएम जी, आईएमएम. अमूमन जो टेस्ट होता है वह आईएमजी का होता है, जो एंटीबॉडी वैक्सीन से बने ज़रूरी नहीं है, आईएमएम
टेस्ट महंगे होते हैं।
क्या युवाओं और बच्चों को कोविड
वैक्सीन की ज़रूरत नहीं है?
डा. यतीन मेहता - बच्चों
के लिए हमारे यहां अभी वैक्सीनेशन को अप्रूवल नहीं मिला है,
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने 13 मई को दो से 18
साल के बच्चों और युवाओं के लिए बायोटेक की कोवैक्सीन के
दूसरे-तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी दे दी है, अमेरिकी
सेंटर फॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने 12 साल से अधिक
उम्र के बच्चों को वैक्सीन देने की मंजूरी दे दी है, आने
वाले दिनों में भारत में भी अप्रूवल मिल जाएगा।
मित्रो, दूसरे चरण में हमलोगों ने युवाओं में संक्रमण के मामले ज़्यादा
देखे हैं, हालांकि
ज़्यादातर युवाओं में माइल्ड इंफेक्शन दिखा है लेकिन गंभीर मामले भी युवाओं में
सामने आए हैं, यह भी देखना होगा कि युवा के तौर पर वे
कामकाजी वर्ग है जो भाग दौड़ कर रहा है, घरों से निकल कर काम
धंधे पर जा रहा है, अगर वह संक्रमित होता है तो इस बात की
आशंका ज़्यादा है कि वह अपने साथ कईयों को संक्रमित करेगा, इसलिए
उनको सुरक्षित रखने के लिए उनका वैक्सीन लेना भी उतना ही ज़रूरी है।
डा. ईश्वर गिडाला - युवाओं
के लिए वैक्सीनेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बच्चों के लिए भी अनुमति जल्दी आ
जाएगी, वैक्सीन हर किसी के लिए ज़रूरी है, आप कुछ लोगों को देते हैं और कुछ लोगों को छोड़ देते हैं तो वायरस
संक्रमण का ख़तरा तो बना रहेगा।
क्या मासिक के समय में महिलाओं
को वैक्सीन लेनी चाहिए या नहीं?
डा. यतीन मेहता - हां,
ले सकते हैं, क्योंकि वैक्सीन पूरी तरह
सुरक्षित है।
डा. ईश्वर गिडाला - वैक्सीन
लेने का कोई असर महिलाओं के पीरियड पर नहीं होता है, इसलिए
महिलाएं मासिक के दौरान भी वैक्सीन ले सकती हैं।
क्या कोविड होने के बाद आपको
वैक्सीन लेने की ज़रूरत नहीं है?
डा. यतीन मेहता - यह
पूरी तरह से सही नहीं है, कोविड से ठीक होने के बाद एंटीबॉडी
कुछ महीने रहेगी, इसलिए वैक्सीन तो लेना ही चाहिए लेकिन
दो-तीन महीने के बाद ले सकते हैं।
डा. ईश्वर गिडाला - कोविड से ठीक होने के
बाद तुरंत में वैक्सीन की ज़रूरत नहीं होती, हमलोगों ने जुलाई, 2020 से मुंबई में हर महीने 150 मरीजों के करीब का अध्ययन
किया है, दस महीनों के अध्ययन से यह ज़ाहिर हो रहा है कि
जिनको दोबारा कोविड हो रहा है वह आठ दस महीने के बाद ही हो रहा है, जिन लोगों को 15-20 दिन में दोबारा कोविड होने की
शिकायत मिली है, वह भी ग़लत नहीं हैं, क्योंकि
ऐसे मामलों में यह हो रहा है कि वे पूरी तरह से कोविड से ठीक नहीं हुए होते हैं और
उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है, लेकिन ऐसे मामले बेहद कम
होंगे।
कोविड से ठीक होने के बाद वैक्सीन कितने दिन बाद
लें, इसका अंतिम फ़ैसला अपने चिकित्सक से परामर्श लेने
के बाद ही करें।
क्या फ्लू वैक्सीन कोविड से
बचाव करते हैं या नहीं?
डा. यतीन मेहता - कोई भी फ़्लू वैक्सीन
कोविड से बचाव नहीं करती।
डा. ईश्वर गिडाला - अभी तो फ़्लू वैक्सीन
कोविड के लिए कारगर नहीं है।
क्या कोविड वैक्सीन के बाद
मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ज़रूरी है?
डा. यतीन मेहता - वैक्सीन लेने के बाद भी
आपको कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी एहतियातों का पालन करना चाहिए, मास्क
और सोशल डिस्टेंसिंग के इस्तेमाल से ही आप स्प्रेडर बनने से बच सकते हैं।
डा. ईश्वर गिडाला - वैक्सीन लेने के बाद भी
आपको सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना चाहिए, इसकी
अहम वजह तो यही है कि आप कोरोना वायरस के करियर हो सकते हैं,
मतलब किसी संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण लेकर आप किसी तीसरे को दे सकते हैं., आपको तो कोरोना नहीं होगा लेकिन आप इसके वाहक हो सकते हैं, इसके अलावा अलग अलग स्ट्रेन के वायरस सामने आ रहे हैं तो ऐसी स्थिति में
एहतियात बरतने ही रहना चाहिए।
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Serum
Institute of India Covid Vaccine |
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India
Vaccination Count |
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Pfizer
Vaccine India |
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Serum
Institute of India |
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Indian
Vaccine Name |
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किससे बन रही है ज्यादा
एंटीबॉडी, कोविशील्ड
या कोवैक्सीन, क्या कहती है नई स्टडी ? |
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मित्रो, एक स्टडी से खुलासा हुआ है कि कोवैक्सीन की
तुलना में कोविशील्ड अधिक एंटीबॉडीज बनाती है, कोरोना
वैक्सीन इंडयूस्डएंडीबॉडी टाइट्रे (COVAT) के शुरुआती शोध
में ये बात सामने आई है। |
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साथियो, कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए टीकाकरण कितना जरूरी है, ये बात हर जगह बताई जा रही है,
हालांकि देश में वैक्सीन की कमी से कई राज्य जूझ रहे हैं, लेकिन कहा जा रहा है, आने वाले समय में टीकाकरण
में तेजी आएगी, वहीं जो लोग कोविशील्ड और कोवैक्सीन लगवा
रहे हैं, अक्सर कइयों ने सवाल किया है कि आखिर कौन सी
वैक्सीन ज्यादा एंटीबॉडीज बनाती है या किस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स कम हैं?
किस वैक्सीन में एंटीबॉडी तेजी से बनते हैं,
इत्यादि। ऐसे ही एक सवाल का जवाब एक शोध की शुरुआती जांच में प्राप्त हुआ है। |
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आपको बता
दें कि हाल ही में आई एक स्टडी से खुलासा हुआ है कि कोवैक्सीन की तुलना में
कोविशील्ड अधिक एंटीबॉडीज बनाती है, कोरोना वैक्सीन इंडयूस्डएंडीबॉडी टाइट्रे (COVAT)
के शुरुआती शोध में ये बात सामने आई है, शोध
में उन हेल्थवर्कर्स को शामिल किया गया, जिन्होंने कोवैक्सीन
या कोविशील्ड की डोज ली थी, कोविशील्ड लगवाने लोगों में
सीरोपॉजिटिविटी रेट (Seropositivity Rate) से लेकर एंटी
स्पाइक एंटीबॉडी कोवैक्सीन की पहली डोज लेने वालों की तुलना में अधिक थे, इस स्टडी में कहा गया कि कोरोना की दोनों वैक्सीन का प्रभाव अच्छा है,
लेकिन सीरोपॉजिटिविटी रेट और एंटी स्पाइक एंटीबॉडी कोविशील्ड
में ज्यादा है, इस शोध में 552 हेल्थवर्कस
को शामिल किया गया था, जिसमें 325 पुरुष
और 227 महिलाएं थीं, 456
को कोविशील्ड और 96 को कोवैक्सीन की
पहली डोज दी गई थी, इसी के बाद ये नतीजे सामने आए हैं। |
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Covishield वैक्सीन को सिंगल डोज़ शॉट बनाने पर चल
रहा है विचार |
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आपको बता दें कि इससे पहले खबरें आई थीं कि
सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड को भविष्य में सिंगल शॉट वैक्सीन बनाने
पर विचार किया जा रहा है, देश में फिलहाल दो वैक्सीनों का इस्तेमाल किया
जा रहा है, कोविशील्ड के अलावा दूसरी भारत बायोटेक की
कोवैक्सीन है, ये दोनों ही वैक्सीन दो डोज में दी जा रही
हैं, आने वाले वक्त में कोविशील्ड वैक्सीन को सिंगल शॉट ही
रखा जाए, इस पर शोध चल रहा है, जॉनसन
एंड जॉनसन, स्पूतनिक लाइट और कोविशील्ड वैक्सीन एक ही तरह
के प्रोसेस से बने हैं, जॉनसन एंड जॉनसन और स्पूतनिक लाइट
सिंगल डोज की ही वैक्सीन हैं, ऐसे में यह आकलन किया जा रहा
है कि क्या उसी प्रोसेस से तैयार की गई कोविशील्ड का भी सिंगल शॉट प्रभावी रह
सकता है या नहीं, अगर यह शोध सफल रहता है तो इससे सरकार को
दोगुनी जनसंख्या को कवर करने में मदद मिलेगी। |











