Hanuman Jayanti Significance, Chaitra Purnima Date, and Spiritual Rituals
हनुमान जयंती के पावन पर्व का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में विस्तार से
जानें। चैत्र पूर्णिमा के
दिन मनाए जाने वाले बजरंगबली के जन्मोत्सव की महिमा और धार्मिक कथाओं के साथ अपनी
भक्ति को गहरा करें। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इस पर्व को मनाने की परंपरा और
विशेष अनुष्ठानों की पूरी जानकारी यहाँ उपलब्ध है।
Latest Update On: 28 January 2026
हनुमान जयंती: श्री हनुमान पूजा विधि, आध्यात्मिक महत्व और व्रत कथा
हनुमान जयंती का पर्व संकटमोचन बजरंगबली के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन अवसर होता है। इस शुभ दिन पर चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर भक्तगण सूर्योदय के समय श्री हनुमान जी की विशेष आराधना और पूजा-अर्चना करते हैं। शास्त्रों के अनुसार हनुमान जयंती पर सुंदरकांड का पाठ, हनुमान चालीसा का जाप और चोला चढ़ाने से साधक को बल, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन व्रत रखने और मंदिरों में दर्शन करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मानसिक शांति मिलती है। यदि आप भी श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त के अनुसार धूप, दीप, सिंदूर और लाल फूलों से उनकी विधि-विधान से पूजा करें।
HANUMAN JAYANTI
Hanuman Jayanti: हनुमानजयंती
जैसा कि आप सभी जानते हैं, कि संकटमोचन,
अंजनीसुत, पवनपुत्रहनुमानकाजन्मोत्सवचैत्रमाहकीपूर्णिमाकोमनायाजाताहै,प्रभुकी लीलाओंसेकौनअपरिचितअंजानहै,हनुमानजयंतीकेदिनबजरंगबलीकीविधिवतपूजापाठकरनेसेशत्रुपरविजयऔरमनोकामनाकीपूर्तिहोतीहै।
संकटमोचनहनुमानजीकीजन्मकथा
प्रचलित कथाओं के अनुसार हनुमानजीभगवानशिवके11वेंरूद्रअवतारमानेजातेहैं,उनकेजन्मकेबारेमेंपुराणोंमेंजोउल्लेखमिलताहैउसकेअनुसारअमरत्वकीप्राप्तिकेलियेजबदेवताओंवअसुरोंनेमिलकरसमुद्रमंथनकियातोउससेनिकलेअमृतकोअसुरोंनेछीनलियाऔरआपसमेंहीलड़नेलगे,तबभगवानविष्णुमोहिनीकेभेष
में अवतरितहुए,मोहनीरूपदेखदेवतावअसुरतोक्यास्वयंभगवानशिवजीकामातुरहोगए,इससमयभगवानशिवनेजोवीर्यत्यागकियाउसेपवनदेवनेवानरराजकेसरीकीपत्नीअंजनाकेगर्भमेंप्रविष्टकरदिया,जिसकेफलस्वरूपमाताअंजनाकेगर्भसेकेसरीनंदनमारुतीसंकटमोचनरामभक्तश्रीहनुमानकाजन्महुआ। कहाजाताहैकिकेसरीऔरअंजनाकीकठोरतपस्याकेबादहीउन्हेंशिवनेपुत्रकावरदानदियाथा।
हर साल
मार्च या अप्रैल में हनुमान जयंती का पर्व
मनाया जाता है, शास्त्रों के अनुसार,
इस दिन धरती पर भगवान राम के परम भक्त भगवान हनुमान ने जन्म लिया था,
जानिए हनुमान जयंती की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त,
कथा और महत्व –
रामभक्तभगवानहनुमानजीकेजन्मकेअवसरपरहनुमानजयंतीपर्वमनायाजाताहै,इसदिनबजरंगबलीकीविधिनुसारपूजाकाविधानहै,शास्त्रोंकीमानेंतोचैत्रमासकेशुक्लपक्षकीपूर्णिमाकोहनुमानजीकाजन्महुआथा,हनुमानजीकोकलयुगमेंसबसेप्रभावशालीदेवताकहाजाताहै,मान्यताहैकिहनुमानजीअपनेभक्तोंकेसभीदुखदूरकरदेतेहैं,हरसालमार्च या अप्रैलमेंहनुमानजयंतिमनाईजाती है,इसलिएहमआपकोबतारहेहैंहनुमानजयंतीकाशुभमुहूर्त, महत्व,
पूजाविधि, आरतीऔरकथा- देखें नया पंचांग गूगल में उपलब्ध है ।
इस हनुमानजयंतीकेदिनभक्तलोगमंदिरमेंजाकरविधिविधानकेसाथबजरंगबलीकीपूजा- अराधनाकरतेहैं,साथहीइसदिनहनुमानजीपरसिंदूरकाचोलाऔरबूंदीकाप्रसादभोगकेतौरपरलगायाजाताहै,हनुमानभक्तोंकेलिएयहदिनकाफीविशेषकहाजाताहै।
Hanuman Jayanti Date & Time: हनुमान
जयंती व्रत एवं पूजा का शुभ मुहूर्त| व्रत एवं पूजा विधि
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निष्कर्ष: भक्ति और शक्ति का संगम
अंततः, हनुमान जयंती केवल एक उत्सव नहीं बल्कि साहस, अटूट भक्ति और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का दिन है। श्री हनुमान जी की विधि-विधान से की गई पूजा और उनके सिद्धांतों का अनुसरण हमें मानसिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। हमें आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको हनुमान जयंती के महत्व और पूजा विधि की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई होगी। बजरंगबली का आशीर्वाद आप और आपके परिवार पर सदैव बना रहे। इस पावन संदेश को अपने प्रियजनों के साथ साझा करें और भक्ति के इस सागर में डुबकी लगाएँ। जय श्री राम! जय हनुमान!