Holi Kab Hai? Holi Festival Date, Wishes और बरसाना लट्ठमार होली का पूरा Schedule


Holi Kab Hai? जानिए Holi Festival की सही Date, Best Wishes और बरसाना में लड्डू और लट्ठमार होली कब खेली जाएगी. Get all the details about Holi celebrations and traditional Braj Holi timings in one place.


Latest Update On: 2 February 2026



Varsana Lathmar Holi




जानें कब खेली जाएगी बरसाना में लड्डू और लट्ठमार होली


  

मथुरा होली तिथि और फूलों की होली वृंदावन


मथुरा, वृंदावन और बरसाना होली विश्व प्रसिद्ध है जहां भगवान कृष्ण और राधा सखा- सखी और गोपियों के साथ खेलते हैं, मथुरा एवं वृन्दावन की होली खेलने का कार्यक्रम निम्न प्रकार है -


Mathura Holi




Guys, here, we are sharing you all the details in a easy to follow day wise itinerary of Vrindavan Holi schedule.



Mathura, Vrindavan and Barsana Holi are world famous where Lord Krishna and Radha play with Friends and Gopis.

 


बरसाना में होली की तारीख



बरसाना होली 2026 शेड्यूल (Schedule)

ब्रज में होली का उत्सव 40 दिनों तक चलता है, लेकिन बरसाना के मुख्य आकर्षण इन तारीखों पर होंगे:

  • 25 फरवरी 2026 (बुधवार): लड्डू होली (Laddu Holi) यह होली बरसाना के श्रीजी मंदिर (राधा रानी मंदिर) में खेली जाती है। इसमें पुजारी और भक्त एक-दूसरे पर गुलाल की जगह लड्डू फेंकते हैं।

  • 26 फरवरी 2026 (गुरुवार): लट्ठमार होली (Lathmar Holi) यह बरसाना की सबसे प्रसिद्ध होली है। इसमें नंदगांव के हुरियारे (पुरुष) बरसाना आते हैं और बरसाना की हुरियारिनें (महिलाएं) उन पर लाठियों से वार करती हैं, जिससे पुरुष ढाल के जरिए अपना बचाव करते हैं।


तारीखउत्सव का नामस्थान
27 फरवरी 2026नंदगांव लट्ठमार होलीनंदगांव
28 फरवरी 2026फूलों की होलीबांके बिहारी मंदिर, वृंदावन
01 मार्च 2026छड़ीमार होलीगोकुल
03 मार्च 2026होलिका दहनमथुरा/वृंदावन
04 मार्च 2026मुख्य रंगवाली होली (धुलंडी)पूरे ब्रज क्षेत्र में


Mathura Holi & Barsana Lathmar Holi 

बताते हैं कि इस परंपरा की शुरुआत द्वापर युग में श्रीकृष्ण की लीला की वजह से हुई हैमान्यता है कि कृष्ण जी अपने सखाओं के साथ कमर में फेंटा लगाए राधारानी तथा उनकी सखियों से होली खेलने पहुंच जाते थे और उनके साथ ठिठोली करते थे जिस पर राधारानी और उनकी सखियां ग्वाल वालों पर डंडे बरसाया करती थींऐसे में लाठी-डंडों की मार से बचने के लिए ग्वाल वृंद भी लाठी या ढालों का प्रयोग करते थेयहीं परंपरा आज तक चली आ रही है।



People celebrating their biggest Holi festival in New Zealand: Happy Holi | Happy Holi Viral | होली बुरा ना मानो होली है






अन्य कार्यक्रमों मेंHolika Dahan को द्वारिकाधीश मंदिर से होली का डोला नगर भ्रमण को जाएगाDuleti को द्वारिकाधीश मंदिर में टेसुफूल/अबीर गुलाल की होली होगी, संपूर्ण मथुरा जनपद क्षेत्र में अबीर/गुलाल/रंग की होली खेली जाएगी, दाऊजी का हुरंगाइसी दिन गांव मुखराई में चरकुला नृत्यसांस्कृतिक कार्यक्रमगांव जाब में हुरंगा आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही होली का समापन हो जाएगा।  


Holi Wishes




Happy Dhulandi | Lathmar Holi | Holika Dahan Wishes







Holi Wishes: Happy Holi Wishes | Holika Dahan | Holi Kab Ki Hai


मित्रो होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला रंगों का एक त्योहार है। यह एक प्राचीन हिंदू धार्मिक उत्सव है और कभी-कभी इस त्योहार को प्यार का त्योहार भी कहा जाता है।


होली का त्योहार मुख्यतः भारत, नेपाल और दुनिया के अन्य क्षेत्रों में मुख्य रूप से भारतीय मूल के लोगों के बीच मनाया जाता है। यह त्यौहार यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी मनाया जाता है। यह प्रेम, उल्लास और रंगों का एक वसंत उत्सव है। मथुरा, वृन्दावन, बरसाने और नंदगाँव की लठमार होली तो प्रसिद्ध है ही देश विदेश के अन्य स्थलों पर भी होली की परंपरा है। उत्साह का यह त्योहार फाल्गुन मास (फरवरी व मार्च) के अंतिम पूर्णिमा के अवसर पर उल्लास के साथ मनाया जाता है।


Holi Celebration



Rituals Holi| Holi Party Near Me | Holi Festival of Colors

मित्रो त्योहार का एक धार्मिक उद्देश्य भी है, जो प्रतीकात्मक रूप से होलिका की किंवदंती के द्वारा बताया गया है। होली से एक रात पहले होलिका जलाई जाती है जिसे होलिका दहन (होलिका के जलने) के रूप में जाना जाता है। लोग आग के पास इकट्ठा होते है नृत्य और लोक गीत गाते हैं। अगले दिन, होली का त्योहार मनाया जाता जिसे संस्कृत में धुलेंडी के रूप में जाना जाता है। रंगों का उत्सव आनंदोत्सव शुरू करता है, जहां हर कोई खेलता है, सूखा पाउडर रंग और रंगीन पानी के साथ एक दूसरे का पीछा करते है और रंग लगाते है। कुछ लोग पानी के पिचकारी और रंगीन पानी से भरा गुब्बारे लेते हैं और दूसरों पर फेंक देते हैं और उन्हें रंग देते हैं। बच्चे और एक दूसरे पर युवाओं स्प्रे रंग, बड़े एक-दूसरे के चेहरे पर सूखी रंग का पाउडर गुलाल लगाते है। आगंतुकों को पहले रंगों से रंगा जाता है, फिर होली के व्यंजनों, डेसर्ट और पेय जल परोसा जाता है।



Holi Khele: Best Holi Wishes | Holi Painting

होली का त्यौहार सर्दियों के अंत के साथ वसंत के आने का भी प्रतीक है। कई लोगों के लिए यह ऐसा समय होता है जिसमें लोग आपसी दुश्मनी और संचित भावनात्मक दोष समाप्त करके अपने संबंधों को सुधारने के लिए लाता है।



Holi is celebrated as a Festival of Colors

आपको बता दें होलिका दहन की तरह, कामा दहा नाम भारत के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। इन भागों में रंगों का त्योहार रंगपंचमी कहलाता है, और पंचमी (पूर्णिमा) के बाद पांचवें दिन होता है।


Holika Dahan



क्यो मनाया जाता है होली त्योहार?

साथियो होली के पर्व से अनेक कहानियाँ जुड़ी हुई हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध कहानी है प्रह्लाद की। माना जाता है कि प्राचीन काल में हिरण्यक्श्यप नाम का एक अत्यंत बलशाली असुर था। अपने बल के अभिमान में वह स्वयं को ही ईश्वर मानने लगा था। हिरण्यक्श्यप का पुत्र प्रह्लाद विष्णु भक्त था। प्रह्लाद की विष्णु भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यक्श्यप ने उसे अनेक कठोर दंड दिए, परंतु उसने विष्णु की भक्ति नही छोड़ी। हिरण्यक्श्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह आग में भस्म नहीं हो सकती। हिरण्यक्श्यप ने आदेश दिया कि होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे। आग में बैठने पर होलिका तो जल गई, पर प्रह्लाद बच गया। ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में इस दिन होली जलाई जाती है। जिसे होलिका दहन कहा जाता है।




About Holi: Holika Dahan Wishes | Google Holi | New Holi

मित्रो प्रह्लाद की कथा के अतिरिक्त यह पर्व राक्षसी ढुंढी, राधा कृष्ण के रास और कामदेव के पुनर्जन्म से भी जुड़ा हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि होली में रंग लगाकर, नाच-गाकर लोग शिव के गणों का वेश धारण करते हैं तथा शिव की बारात का दृश्य बनाते हैं।