HOLI 2022-RANGILI HOLI BARSANA 2022-LATHMAR HOLI IN HINDI

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लट्ठमार होली नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है यहां की होली, यहाँ झलकता है राधा-कृष्ण का प्रेम


सारी दुनिया से अलग ब्रज की लट्ठमार होली सिर्फ मौज मस्ती की नहीं बल्कि नारी सश्क्तिकरण का प्रतीक माना जाता हैइसके बारे में यहाँ कुछ विवरण दिया जा रहा है -


पीले, लालनीलेगुलाबी रंगों से होली (Holi 2022) तो पूरी दुनिया में खेली जाती है, पर ब्रज की होली (Brij ki Holi) बहुत ही खास होती है, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाने वाली ब्रज की होली का अंदाज काफी अनोखा होता है, ब्रज के बरसाना और नंदगांव की होली में देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से लोग हिस्सा लेने के लिए आते हैं, और आनंद प्राप्त करते हैं। 

नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है ब्रज की होली


Holi Special: विश्व प्रसिद्ध ब्रज की होली | Braj ki Lathmaar Holi


Colorful Indian Festival Holi- ब्रज बरसाना की लठमार होली देखें .... 




सारी दुनिया से अलग ब्रज की लट्ठमार होली सिर्फ मौज मस्ती की नहीं बल्कि नारी सश्क्तिकरण का प्रतीक माना जाता है, धार्मिक कथाओं के अनुसार, श्रीकृष्ण महिला शक्ति का सम्मान करते थे और बुरे वक्त में सदैव उनके साथ खड़े होते थे, लट्ठमार होली श्रीकृष्ण के उसी संदेश को नटखट अंदाज में प्रदर्शित करती है, लट्ठमार होली में महिलाएं अपनी ताकत का प्रदर्शन करती हैं, मथुरा और बरसाना की लट्ठमार होली में आज भी राधा-कृष्ण की अनोखी विरासत सिमटी हुई है, जिसे देखने के लिए सुदूर से लोग यहाँ आते हैं।  

नंदगांव और बरसाने के बीच खेली जाती है लट्ठमार होली


Holi 2022 Special: कान्हा की नगरी Mathura Barsane की लठमार होली |देखे वीडियो



मथुरा के बरसाने की हुरियारिनों और नंदगांव के हुरियारों के बीच लट्ठमार होली होती है, इसमें महिलाएं पुरुषों पर लट्ठ बरसाती हैं, पुरुष सिर के ऊपर छतरीनुमा मजबूत चीज रखकर बचाव करते हैं, इससे पहले हुरियारे नंदबाबा मंदिर में आशीर्वाद के बाद पताका लेकर निकलते हैं और वहां से हुरियारे पीली पोखर पहुंचते हैं, साज-सज्जा और ढाल कसने के बाद रसिया गाते हैं, फिर लाड़िली जी मंदिर की ओर बढ़ जाते हैं, यहाँ  दर्शन के बाद वापसी में रंगीली गली में लट्ठमार होली खेली जाती है, जिसका आप आनंद ले सकते हैं। 

होली खेलने का न्यौता लेकर जाती हैं सखियां


लड्डू होली, बरसाना || LADDU HOLI BARSANA 2022

 

मथुरा क्षेत्र में राधा-कृष्ण की परंपरा को अपनाते हुए आज भी फाल्गुन मास की सप्तमी को राधा रानी के गांव बरसाने से सखियां फाग खेलने का न्यौता लेकर नंदगांव जाती हैं, न्यौता पहुंचने के बाद हुरियार ढाल लेकर होली खेलने के लिए बरसाने पहुंचते हैं, वहीं, दूसरी तरफ बरसाने की महिलाएं रंग, लट्ठ लेकर होली खेलने की तैयारी करती हैं, नंदगांव की टोलियां जैसी ही बरसाने पहुंचती हैं महिलाएं उन पर लाठियां बरसाना शुरू कर देती हैं, बरसाने और नंदगांव दोनों ही तरफ के लोगों को आज भी इस बात का विश्वास है कि लट्ठमार होली में किसी को भी चोट नहीं पहुंचती है, बरसाने की होली में शामिल होने के बाद हर कोई श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम में रंग जाता है, यह है लट्ठमार होली का प्रचलन। 


LADDU HOLI BARSANA

लट्ठमार होली के बारे में, बरसाना होली, लड्डू होली 2022, Holi Song Play List


अभी से होली के लिए तैयार कर लें गानों की ये प्ले लिस्ट


होली या फाग गायक ढोल, मंजीरे की थाप पर जब सुर लगाते हैं तो लोगों पर होली का खुमार सिर चढ़कर बोलता है


होली फाग महोत्सव - Holi Faag Mahotsav


2022 की होली का त्योहार आने ही वाला हैलोगों ने अभी से होलिका दहन के लिए पवित्र लकड़ियां इक्कठी करनी शुरू कर दी हैंचंदे वालों ने भी होली का जश्न मनाने के लिए अभी से चंदा मांगना शुरू कर दिया हैहोली आने से पहले या यूं कहें कि बसंत का मौसम शुरू होने के साथ ही कुछ आंचलिक भू-भागों में फाग गायन शुरू भी हो जाता हैफाग दरअसलहोली और इस मौसम से जुड़े लोगगीत होते हैंस्थानीय लोग इन गीतों को जश्न और ख़ुशी जाहिर करने के तौर पर गाते हैंफाग गाने की परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही हैअगर देखा जाए तो होली पर फाग गाने से जश्न का मजा और भी ज्यादा बढ़ जाता हैफाग उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकोंबुंदेलखंड और बिहार में मुख्य रूप से गाए जाते हैं। ब्रिज क्षेत्र में होली के रसिया बहुत प्रसिद्ध हैं जिन्हें लोग कई दिन पहले से गाना शुरू कर देते हैं। हम यहाँ पर आपके लिए बहुत से गानों के वीडियो लेकर आए हैं जिन्हें देखकर और सुन कर आप भी होली का आनंद ले सकते हैं ....


1-होरी खेलन आयो नटवर नन्द किशोर ....

2-हेलो राधा ....

3-होली खेल रहे नंदलाल हो गोकुल के गलियन में...

4-आज ब्रज में होली रे रसिया....

5-मोहे होली में कर गया तंग कान्हा...

6-जुल्म कर डालो होली...

7-रंग मत डारो से सांवरिया...

8-होली आई रे कान्हा, ब्रज के रसिया...

9-
मैं कैसे होली खेलूँगी, या सांवरिया के संग...

10-फाग खेलन कृष्ण ब्रज आए रे...

होली या फाग गायक ढोलमंजीरे की थाप पर जब सुर लगाते हैं तो लोगों पर होली का खुमार सिर चढ़कर बोलता हैहोली फाग के जरिए लोग प्रकृति को धन्यवाद करते हैंहोली का जश्न मनाते हैं और राधा कृष्ण के भजन गाते हैंइस फाग गीतों में ब्रज और मथुरा की होली राधा और कृष्ण की लीलाओं का बखान होता हैहोली फाग शास्त्रीय संगीत की श्रेणी में आता हैबिहार और इसके आसपास के इलाकों में फाग को फगुआ भी कहा जाता हैअगर आप ने भी अभी से होली की तैयारियां शुरू कर दी हैं तो आप इन होली फाग गीतों को अपनी प्ले लिस्ट में शामिल कर सकते हैं और साथ ही इन गीतों का आनंद ले सकते हैं ....


होरी खेलन आयो नटवर नन्द किशोर ....


ब्रज की बहुत ही प्यारी होली पहले कभी नहीं सुनी होगी | Harshit Saini | Radha Krishan Holi 2022




हेलो राधा ....


2022 सुपरहिट होली डांस भजन | हेलो राधा | Hello Radha | Shyam Bhajan Sonotek




होली खेल रहे नंदलाल हो गोकुल के गलियन में...


होली खेल रहे नंदलाल हो गोकुल की गलियन में 2022-होली गाना-Holi Geet




आज ब्रज में होली रे रसिया....


आज ब्रज में होली रे रसिया | Aaj Braj Mai Holi Re Rasiya | Shyam Bhajan | Lord Krishna Bhajan




मोहे होली में कर गया तंग कान्हा...


मोहे होली में कर गयो तंग || Popular Holi Song 2022 




जुल्म कर डालो होली...


ज़ुलम कर डारयो-Julam Kar Daaryo-Holi Geet By Lakhbir Singh Lakkha [Full Video Song] I Holi Ke Rang Lakkha Ke Sang





रंग मत डारो से सांवरिया...


रंग मत डाले रे साँवरिया || ब्रज की धमाल
|| Rang Mat Dare Re Sanwariya



होली आई रे कान्हा, ब्रज के रसिया...


होरी आई रे कान्हा-Hori aayi re kanha- vraj ke rasiya || Hori Aayi re Kanha


मैं कैसे होली खेलूँगी, या सांवरिया के संग...


मोहे होली में कर गयो तंग || Popular Holi Song 2022 



फाग खेलन कृष्ण ब्रज आए रे...


फाग खेलन बरसाने आए हैं-Faga Khelan Barsane Aaye Hai





धार्मिक कथाओं के अनुसारश्रीकृष्ण महिला शक्ति का सम्मान करते थे और बुरे वक्त में सदैव उनके साथ खड़े होते थेलट्ठमार होली श्रीकृष्ण के उसी संदेश को नटखट अंदाज में प्रदर्शित करती हैलट्ठमार होली में महिलाएं अपनी ताकत का प्रदर्शन करती हैंमथुरा और बरसाना की लट्ठमार होली में आज भी राधा-कृष्ण की अनोखी विरासत सिमटी हुई हैजिसे देखने के लिए सुदूर से लोग यहाँ आते हैं।  





मथुरा क्षेत्र में राधा-कृष्ण की परंपरा को अपनाते हुए आज भी फाल्गुन मास की सप्तमी को राधा रानी के गांव बरसाने से सखियां फाग खेलने का न्यौता लेकर नंदगांव जाती हैंन्यौता पहुंचने के बाद हुरियार ढाल लेकर होली खेलने के लिए बरसाने पहुंचते हैंवहींदूसरी तरफ बरसाने की महिलाएं रंगलट्ठ लेकर होली खेलने की तैयारी करती हैंनंदगांव की टोलियां जैसी ही बरसाने पहुंचती हैं महिलाएं उन पर लाठियां बरसाना शुरू कर देती हैंबरसाने और नंदगांव दोनों ही तरफ के लोगों को आज भी इस बात का विश्वास है कि लट्ठमार होली में किसी को भी चोट नहीं पहुंचती हैबरसाने की होली में शामिल होने के बाद हर कोई श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम में रंग जाता हैयह है लट्ठमार होली का प्रचलन।